देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से जिस प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार किया जा रहा था, उसकी तारीख अब लगभग तय हो चुकी है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना की अगली किस्त जारी करेंगे। इस दिन देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2000 की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें बिना किसी बिचौलिये के आर्थिक सहायता मिल सके। सरकार के अनुसार, इस बार लगभग 9.32 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा और कुल 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जाएगी।
नीचे इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है ताकि किसानों को हर जरूरी जानकारी मिल सके।
13 मार्च को जारी होगी 22वीं किस्त
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम से पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान देशभर के पात्र किसानों के खातों में सीधे पैसा भेजा जाएगा।
इस किस्त का इंतजार देश के छोटे और सीमांत किसान काफी समय से कर रहे थे। जैसे ही प्रधानमंत्री बटन दबाएंगे, उसी समय से किसानों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर होने शुरू हो जाएंगे।
इससे पहले 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी और अब 22वीं किस्त किसानों को मिलने जा रही है। इस तरह यह योजना लगातार किसानों को आर्थिक सहायता देने का काम कर रही है।
पीएम किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2019 में की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत सरकार हर साल किसानों को ₹6000 की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- साल में कुल सहायता – ₹6000
- किस्तों की संख्या – 3
- प्रत्येक किस्त – ₹2000
- भुगतान का तरीका – DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में
इस योजना के जरिए अब तक देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मदद मिल चुकी है और सरकार ने कुल मिलाकर 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की है।
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
पीएम किसान योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं और जिनकी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज होती है। किसान का नाम यदि लाभार्थी सूची में है तो उसे हर चार महीने में ₹2000 की किस्त मिलती है। लेकिन कई बार कुछ किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंच पाता। इसके पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं, जैसे:
- e-KYC पूरा न होना
- आधार और बैंक खाता लिंक न होना
- जमीन का रिकॉर्ड गलत होना
इसलिए सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी जानकारी समय-समय पर अपडेट करते रहें।
e-KYC क्यों जरूरी है?
सरकार ने पीएम किसान योजना में e-KYC को अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी किसान का e-KYC पूरा नहीं है, तो उसकी किस्त रुक सकती है।
e-KYC पूरा करने के तरीके
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- e-KYC विकल्प पर क्लिक करें
- आधार नंबर दर्ज करें
- OTP के माध्यम से सत्यापन करें
इसके अलावा किसान नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर भी e-KYC करवा सकते हैं।
Beneficiary List देखने का तरीका
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- “Beneficiary List” विकल्प पर क्लिक करें
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें
- Submit पर क्लिक करें
इसके बाद आपके गांव के सभी लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
किन किसानों को नहीं मिलेगा पैसा?
पीएम किसान योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है।
इनमें शामिल हैं:
- आयकर देने वाले किसान
- सरकारी कर्मचारी
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर लोग
- संस्थागत जमीन मालिक